बिरसिंहपुर पीएचसी में कथित लापरवाही के चलते तीन वर्षीय मासूम की मौत हो गई, परिजनों ने एम्बुलेंस में देरी का आरोप लगाया जबकि प्रशासन ने अलग दावा किया, घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
सतना जिले में संस्थागत प्रसव की तमाम व्यवस्थाओं के दावों के बीच एक गर्भवती महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की एम्बुलेंस में मौत ने स्वास्थ्य तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। समय पर इलाज, रेफरल व्यवस्था और प्राथमिक उपचार की कमी इस दर्दनाक घटना की बड़ी वजह मानी जा रही है।
उमरिया जिले के पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक माह से टिटनेस का इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। गंभीर चोट या घाव के बाद मरीजों को इलाज से वंचित कर बाहर मेडिकल दुकानों से दवा खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। बीएमओ का लापरवाह बयान स्वास्थ्य तंत्र की संवेदनहीनता को उजागर करता है। ग्रामीणों ने सरकार और अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया और तुरंत दवा उपलब्ध कराने की मांग की।
सतना के मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बीएमओ डॉ. रूपेश सोनी पर मरीज ने लापरवाही और बाहर से दवाएं खरीदवाने का आरोप लगाया। शिकायत एसडीओ तक पहुंची, वहीं विधायक भी स्वास्थ्य सेवाओं की अव्यवस्था को लेकर प्रभारी मंत्री को पत्र लिख चुके हैं।
















